भारतीय फुटबॉल की नींव और शुरुआती दौर
भारत में फुटबॉल का पहला संगठित मैच 1888 में खेला गया था, जब कोलकाता के मैदानों पर ब्रिटिश रेजिमेंटों ने आपस में खेलना शुरू किया। 1888 में ही डूरंड कप की स्थापना हुई, जो आज भी एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में गिना जाता है। 1893 में दुर्वार एफसी जैसी भारतीय टीमों ने यूरोपीय टीमों को चुनौती देना शुरू किया। 1937
में मोहन बागान एएफसी ने आईएफए शील्ड जीतकर इतिहास रचा। यह दौर भारतीय फुटबॉल की पहचान बनाने का था, जब स्थानीय क्लबों ने औपनिवेशिक टीमों के वर्चस्व को तोड़ा। हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में भी इस दौर में स्थानीय फुटबॉल संस्कृति पनपी।